अधूरी मोहब्बत Season 1 • Episode 6

शादी का सच


उस रात आरव की आंखों में नींद नहीं थी।
उसके सामने बस एक ही चेहरा घूम रहा था—मीरा
और उसके कानों में बार-बार वही धमकी गूंज रही थी—

“अगर मीरा को वापस लाने की कोशिश की…
तो तुम्हारी लाश भी नहीं मिलेगी।”

आरव ने फोन स्क्रीन बंद की।
उसने गहरी सांस ली।
और खुद से कहा—

“अगर प्यार में डर आ जाए…
तो प्यार मर जाता है।
और मैं… मीरा को मरने नहीं दूंगा।”


नील की चेतावनी

सुबह 7 बजे।

आरव नील के घर पहुंचा।
नील पहले से जाग रहा था।
उसके हाथ में कॉफी थी, और आंखों में चिंता।

“तू पागल तो नहीं हो गया?”
नील ने आरव को देखते ही कहा।
“राजवीर सिंह के खिलाफ जाना मतलब… खुद मौत को बुलाना।”

आरव ने शांत लेकिन कठोर आवाज़ में जवाब दिया—

“मीरा को जबरदस्ती बंद कर दिया गया है।
और अब वो उसकी शादी तय कर रहे हैं।”

नील चौंक गया।

“क्या…? कैसे पता चला?”

आरव ने मोबाइल आगे किया।


एक फोटो जिसने सब बदल दिया

आरव के फोन में एक फोटो थी।

मीरा की—
लेकिन वो मीरा नहीं थी, जो आरव को हंसकर देखती थी।

इस फोटो में मीरा का चेहरा उतरा हुआ था।
उसके हाथ में एक एंगेजमेंट रिंग थी।
और उसके पीछे राजवीर सिंह का आदमी—अमन राठौर

फोटो के नीचे लिखा था—

“श्रीमान राजवीर सिंह की बेटी
मीरा सिंह का रिश्ता तय।”

आरव के हाथ कांपने लगे।

नील ने धीमे स्वर में कहा—

“ये लोग… सच में उसे बेच रहे हैं।”


मीरा की हालत

उधर मीरा अपने कमरे में बैठी थी।
उसका फोन छीन लिया गया था।
कमरे में CCTV लगा था।
और बाहर दो गार्ड।

मीरा खिड़की के पास खड़ी थी।
उसकी आंखें सूजी हुई थीं।

वो खुद से कह रही थी—

“आरव…
तुम मत आना…”

“क्योंकि अगर तुम आए…
तो ये लोग तुम्हें मार देंगे।”

लेकिन दिल…
दिल चाहता था कि आरव आए।


सगाई का दिन तय

दोपहर में मीरा के कमरे का दरवाज़ा खुला।

अमन राठौर अंदर आया।

उसकी आंखों में वही घमंड था,
जो ताकतवर लोगों के चेहरे पर होता है।

“मैडम,”
वो बोला,
“आपकी सगाई कल शाम 6 बजे है।”

मीरा ने कांपकर पूछा—

“किससे?”

अमन ने मुस्कुराकर कहा—

“विवान मल्होत्रा से।”

मीरा का चेहरा सफेद पड़ गया।

“मल्होत्रा…?”
उसने धीरे से कहा।

अमन ने कहा—

“हाँ।
राजवीर सिंह और मल्होत्रा परिवार…
अब एक हो जाएंगे।”

मीरा ने गुस्से से कहा—

“मैं नहीं करूंगी!”

अमन ने धीरे से मीरा की तरफ झुककर कहा—

“आपके पास विकल्प नहीं है, मैडम।”


मीरा की आखिरी उम्मीद

मीरा की आंखों में आंसू आ गए।

“मैं अपने पापा से बात करूंगी,”
उसने कहा।

अमन ने हंसकर जवाब दिया—

“आपके पापा का फैसला अंतिम है।”

फिर वो पलटा और जाते-जाते बोला—

“और हाँ…
अगर उस आरव ने यहां आने की कोशिश की…
तो उसका नाम अगले दिन अखबार में होगा।”


आरव का प्लान

इधर आरव और नील डिटेक्टिव के ऑफिस में बैठे थे।

डिटेक्टिव ने एक नक्शा खोला।

“मीरा सिंह का घर…
किले जैसा है।”

नील ने कहा—

“तो हम अंदर कैसे जाएंगे?”

आरव ने धीरे से कहा—

“हम अंदर नहीं जाएंगे…”

“हम बाहर से ही हमला करेंगे।”

नील ने चौंककर पूछा—

“कैसा हमला?”

आरव की आंखों में आग थी।

“सच का हमला।”


एक पुराना राज

डिटेक्टिव ने कहा—

“राजवीर सिंह का एक बहुत बड़ा राज है।”

आरव ने पूछा—

“क्या?”

डिटेक्टिव ने फाइल आगे बढ़ाई।

“राजवीर सिंह ने 8 साल पहले
एक गरीब इलाके की जमीन पर कब्जा किया था।
उसमें एक बच्चा मरा था।”

नील ने कहा—

“ये तो बहुत बड़ा केस है!”

डिटेक्टिव बोला—

“हाँ।
लेकिन सबूत गायब हो गए।
और गवाह भी…”

आरव ने फाइल बंद करते हुए कहा—

“तो अब हम सबूत वापस लाएंगे।”


मीरा को संदेश कैसे पहुंचे?

आरव के लिए सबसे बड़ी परेशानी ये थी कि
मीरा तक बात कैसे पहुंचे।

तभी डिटेक्टिव ने कहा—

“मीरा की नौकरानी…
उसके लिए काम कर सकती है।”

आरव ने पूछा—

“कौन?”

डिटेक्टिव ने नाम बताया—

“सरला।”


सरला की एंट्री

शाम 5 बजे।

सरला मीरा के कमरे में खाना लेकर आई।

मीरा ने प्लेट को छुआ तक नहीं।

सरला ने धीरे से कहा—

“मैडम…
आपके लिए एक संदेश है।”

मीरा चौंक गई।

“किसका?”

सरला ने मीरा के हाथ में एक छोटा सा कागज़ दबा दिया।

मीरा ने जल्दी से पढ़ा।

उस पर लिखा था—

“मैं आ रहा हूँ।
कल तुम्हारी सगाई नहीं होगी।
— आरव”

मीरा की आंखों में आंसू आ गए।

लेकिन इस बार…
वो आंसू डर के नहीं थे।

उम्मीद के थे।


मीरा का डर

मीरा ने सरला का हाथ पकड़ लिया।

“सरला…
आरव को मना करो…
ये लोग उसे मार देंगे।”

सरला ने धीमे स्वर में कहा—

“मैडम…
वो लड़का आपको सच में प्यार करता है।”

मीरा की आंखों से आंसू गिर गए।

“और यही बात सबसे खतरनाक है…”
मीरा ने कहा।


सगाई की तैयारी

राजवीर सिंह के घर में हलचल थी।

सजावट।
फूल।
लाइट्स।
मेहमानों की लिस्ट।

राजवीर सिंह टीवी पर खबर देख रहा था।

उसने अमन से कहा—

“सुरक्षा बढ़ा दो।
कल कोई भी गलत कदम नहीं होना चाहिए।”

अमन ने सिर हिलाया।

“जी सर।”

राजवीर ने कहा—

“और उस आरव का पता लगाओ।
मुझे उसकी सांसें सुनाई नहीं देनी चाहिए।”

अमन की आंखों में चमक आ गई।

“समझ गया सर।”


आरव का सबसे बड़ा कदम

रात 11 बजे।

आरव और नील शहर के पुराने इलाके में पहुंचे।

वहाँ एक बूढ़ा आदमी रहता था—गवाह

उसका नाम था—इमरान खान

वो वही आदमी था
जिसने जमीन कब्जे वाले केस में
राजवीर सिंह को देखा था।

लेकिन वो अब डर में जी रहा था।

आरव ने कहा—

“आपको गवाही देनी होगी।”

इमरान कांप गया।

“मैं मर जाऊंगा…”

आरव ने जवाब दिया—

“आप वैसे भी मर रहे हैं।
डर में।”

इमरान की आंखों में आंसू आ गए।

“ठीक है…”
वो बोला।
“मैं बोलूंगा।”


सच का हथियार

नील ने इमरान का वीडियो बयान रिकॉर्ड किया।

इमरान ने कहा—

“राजवीर सिंह ने मेरे सामने
लोगों को घर से निकाला।
और जब एक बच्चा कुचल गया…
तो उसने कहा—
‘ये गरीब हैं, मरेंगे तो क्या?’”

आरव ने दांत भींच लिए।

“अब ये वीडियो…”
आरव ने कहा,
“कल सगाई से पहले
हर न्यूज चैनल तक पहुंचेगा।”


अमन को खबर मिल गई

उधर अमन राठौर को एक कॉल आया।

“सर…
आरव शहर के पुराने इलाके में देखा गया है।”

अमन ने मुस्कुराकर कहा—

“तो वो सच में आ रहा है…”

फिर उसने कहा—

“कल उसे वहीं खत्म कर देंगे
जहां उसका प्यार खत्म होगा—
मीरा की सगाई में।”


एपिसोड का अंतिम सीन

रात 2 बजे।

मीरा अपने कमरे में बैठी थी।
उसके हाथ में वही कागज़ था।

“मैं आ रहा हूँ।”

मीरा ने धीरे से कहा—

“आरव…
अगर तुम्हें कुछ हो गया…”

उसने आंखें बंद कीं।
और एक आंसू गिरा।

उधर आरव बाइक पर बैठा था।
उसके हाथ में वीडियो सबूत था।

उसने आसमान की तरफ देखा और कहा—

“मीरा…
कल तुम्हारी सगाई नहीं होगी।
कल या तो मैं जीतूंगा…
या मरूंगा।”


End of Episode 6

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