अधूरी मोहब्बत Season 1 • Episode 8

खून की कीमत


बारिश की वो रात…
मीरा की जिंदगी की सबसे डरावनी रात बन चुकी थी।

सड़क पर तेज़ हेडलाइट्स…
एक गाड़ी हवा की तरह आई…
और अगले ही पल—

धड़ाम!

आरव का शरीर सड़क पर जा गिरा।

मीरा की चीख आसमान तक पहुंच गई—

“आरव!!!”

गाड़ी रुकी नहीं।
वो बस… अंधेरे में गायब हो गई।

और मीरा वहीं खड़ी रह गई…
एक पल के लिए जैसे उसकी आत्मा भी शरीर से निकल गई हो।


आरव की हालत

आरव के माथे से खून बह रहा था।
उसका हाथ मुड़ गया था।
और सांसें… बहुत धीमी।

मीरा ने घुटनों के बल बैठकर उसका चेहरा पकड़ा।

“आरव… आंखें खोलो… प्लीज़…”
मीरा रो रही थी।

आरव ने हल्के से आंखें खोलीं।
उसके होंठ कांपे।

“मीरा…”
उसने बस इतना कहा…
और फिर बेहोश हो गया।

मीरा का दिल जैसे टूट गया।


पुलिस नहीं… अस्पताल नहीं

मीरा जानती थी—
अगर वो पुलिस बुलाएगी…
तो राजवीर सिंह सबको खरीद लेगा।

अगर अस्पताल जाएगी…
तो अमन राठौर वहीं पहुंच जाएगा।

और अगर आरव पकड़ा गया…
तो वो जिंदा नहीं बचेगा।

मीरा ने कांपते हाथों से आरव को उठाने की कोशिश की।
वो भारी था।
लेकिन प्यार… उस रात ताकत बन गया था।


सरला की मदद

मीरा को अचानक सरला की याद आई।

सरला…
जो उसके घर में नौकरानी थी…
लेकिन उसके लिए मां जैसी थी।

मीरा ने किसी तरह फोन निकाला (जो उसने छुपा रखा था)
और सरला को कॉल किया।

“सरला…!”
मीरा की आवाज़ टूट रही थी।
“आरव… मर जाएगा… प्लीज़ मदद करो…”

सरला ने बस इतना कहा—

“मैडम… आप जहां हैं वहीं रुकिए।
मैं आ रही हूँ।”


छुपने की जगह

15 मिनट बाद एक पुरानी स्कूटी वहां रुकी।

सरला उतरी।
उसने आरव को देखा…
और उसकी आंखें भर आईं।

“हे भगवान…”
सरला बोली।

मीरा रोते हुए बोली—

“सरला… मेरे पापा ने…”

सरला ने मीरा को रोका।

“अभी नहीं मैडम।
पहले आरव को बचाते हैं।”


पुराना गोदाम

सरला आरव और मीरा को शहर के बाहर एक पुराने गोदाम में ले गई।
वो जगह खाली थी।
धूल भरी।
लेकिन सुरक्षित।

सरला ने कहा—

“ये जगह मेरे भाई की है।
यहाँ कोई नहीं आता।”

मीरा ने आरव को जमीन पर लिटाया।

उसका शरीर ठंडा पड़ रहा था।

मीरा ने घबराकर कहा—

“सरला… ये मर जाएगा…”

सरला ने मीरा का हाथ पकड़ा।

“नहीं मैडम।
आपके प्यार की कसम…
ये जिंदा रहेगा।”


खून रोकना

सरला ने जल्दी से फर्स्ट-एड बॉक्स निकाला।
उसने आरव के माथे का खून साफ किया।
पट्टी बांधी।

आरव की सांसें अब भी कमजोर थीं।

मीरा आरव के पास बैठी रही।
उसका हाथ पकड़कर।

वो लगातार कह रही थी—

“आरव… तुमने कहा था ना…
तुम मुझे छोड़कर नहीं जाओगे…”

“तो अब मत जाओ…”


राजवीर सिंह का बदला शुरू

उधर राजवीर सिंह के बंगले में तूफान मचा था।

मेहमानों के सामने बेइज्जती।
वीडियो वायरल।
मीरा का भाग जाना।

राजवीर सिंह ने गुस्से में घर की चीजें तोड़ दीं।

“मुझे मीरा चाहिए!”
वो चिल्लाया।

अमन राठौर सामने खड़ा था।

“सर… हमने आरव की गाड़ी टकरवाई थी।”

राजवीर सिंह ने आंखें लाल करके पूछा—

“वो मरा?”

अमन ने सिर हिलाया—

“नहीं सर…
लेकिन बहुत घायल है।”

राजवीर सिंह ने धीमी आवाज़ में कहा—

“तो उसे खत्म करो।”


मीरा के नाम का ऐलान

राजवीर सिंह ने अपने आदमी को बुलाया।

“मीरा की फोटो हर जगह लगाओ।
उस पर लिखो—
‘लापता’।”

“और आरव…”
राजवीर ने दांत पीसकर कहा,
“आरव पर केस लगाओ—
Kidnapping का।”

अमन ने मुस्कुराकर कहा—

“जी सर…
अब वो पुलिस से भागेगा…
और हम उसे शिकार की तरह मारेंगे।”


आरव को होश आता है

गोदाम में सुबह हो गई थी।

मीरा की आंखें पूरी रात नहीं बंद हुईं।

तभी आरव ने हल्की हरकत की।

उसने धीरे-धीरे आंखें खोलीं।

मीरा ने तुरंत उसका चेहरा पकड़ लिया।

“आरव!”
मीरा रोते हुए बोली।
“तुम ठीक हो… तुम जिंदा हो…”

आरव ने कमजोर आवाज़ में कहा—

“मीरा… तुम… सुरक्षित हो?”

मीरा ने सिर हिलाया।

“हाँ… लेकिन…”
मीरा ने कहा,
“मेरे पापा…”

आरव ने दर्द में भी मुस्कुराने की कोशिश की।

“तुम मेरे साथ हो…
तो दुनिया से डर नहीं लगता।”

मीरा रो पड़ी।


मीरा का गिल्ट

मीरा ने आरव के हाथ पर अपना माथा रख दिया।

“ये सब मेरी वजह से हुआ…”
मीरा बोली।

आरव ने धीरे से उसका सिर उठाया।

“मीरा…”
उसने कहा,
“प्यार कभी गलती नहीं होता।”

“गलती वो लोग करते हैं…
जो प्यार को खरीदते हैं।”


नील की कॉल

तभी मीरा के फोन पर कॉल आया।

नील।

मीरा ने जल्दी से कॉल उठाया।

“नील…!”

नील की आवाज़ तेज़ थी—

“मीरा! तुम कहाँ हो?
राजवीर सिंह ने आरव पर kidnapping का केस लगा दिया है!”

मीरा चौंक गई।

“क्या…?”

नील बोला—

“पुलिस तुम्हें भी ढूंढ रही है।
और मीडिया में खबर चल रही है कि
‘आरव ने मीरा को अगवा किया’।”

मीरा का चेहरा सफेद पड़ गया।

आरव ने सब सुन लिया।

उसने आंखें बंद कीं।

“तो अब…”
आरव ने धीमे स्वर में कहा,
“हम सिर्फ प्यार नहीं लड़ रहे…”

“हम अब…
इज्जत और सच लड़ रहे हैं।”


मीरा का फैसला

मीरा ने अचानक कहा—

“आरव… अब मैं भागूंगी नहीं।”

आरव ने उसकी तरफ देखा।

“क्या मतलब?”

मीरा की आंखों में आंसू थे…
लेकिन अब डर नहीं था।

“मैं अपने पापा के खिलाफ बोलूंगी।”

“मैं मीडिया के सामने सच बताऊंगी।”

आरव ने तुरंत कहा—

“नहीं मीरा!
वो तुम्हें मार देंगे!”

मीरा ने कहा—

“अगर मैं चुप रही…
तो वो तुम्हें मार देंगे।”


सरला की चेतावनी

सरला ने मीरा को रोकने की कोशिश की।

“मैडम… राजवीर सिंह बहुत खतरनाक है।”

मीरा ने कहा—

“सरला…
खतरनाक तो वो रात थी…”

“जब मैं अपने प्यार को मरते देख रही थी।”


राजवीर का आदमी गोदाम तक पहुंच गया

उधर अमन राठौर को खबर मिल चुकी थी।

“सर… मीरा को आखिरी बार शहर के बाहर देखा गया।”

अमन ने तुरंत कहा—

“सभी आदमी वहां भेजो।
आज रात… खेल खत्म।”


गोदाम के बाहर कदमों की आवाज़

शाम 8 बजे।

गोदाम के बाहर गाड़ियों की आवाज़ आई।

मीरा का दिल धड़कने लगा।

सरला ने खिड़की से देखा।

उसका चेहरा डर से भर गया।

“मैडम…”
सरला बोली,
“वो लोग आ गए।”

आरव ने दर्द में उठने की कोशिश की।

“मीरा… भागो…”

मीरा ने आरव का हाथ पकड़ लिया।

“नहीं…
अब मैं तुम्हें छोड़कर नहीं जाऊंगी।”


अंतिम सीन: खून की कीमत

दरवाज़ा जोर से तोड़ा गया।

अमन राठौर अंदर आया।

उसके हाथ में बंदूक थी।

उसने मीरा को देखा और मुस्कुराया।

“मैडम…
आपको वापस लेने आया हूँ।”

मीरा ने आरव के सामने खड़े होकर कहा—

“मैं कहीं नहीं जाऊंगी।”

अमन ने बंदूक उठाई।

“तो फिर…”
उसने कहा,
“आज खून की कीमत चुकानी पड़ेगी।”

मीरा की आंखों में डर नहीं था।

वो बस आरव को देख रही थी।

और आरव…
मीरा को।


End of Episode 8

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